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Sadqa Kab Kyun Aur Kise Dain?

Arkane Islam

Arkane Islam

Sadqa Kab Kyun Aur Kise Dain?

SKU: SADQA In Stock
AUTHOR(S):
Umme Abde Muneer
TRANSLATOR(S):
Saleem Khilji
₹ 25 ₹ 35 29% OFF
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हर मुस्लिम की चाहत होती है कि वो जन्नत में दाखिल हो लेकिन जन्नत उसी को नसीब होगी जिसे अपनी जान और माल से ज्यादा अल्लाह का हुक्म प्यारा हो. मालदारों पर ज़कात फर्ज़ है लेकिन इसका मतलब ये हर्गिज़ नहीं है कि ज़कात अदा करने के बाद बाकी बचे माल को मनचाही जगह पर या ऐश-मौज के लिये खर्च करने की उनको 'छूट' मिल गई है. हर इन्सान से रोज़ाना कोई न कोई खता या गुनाह ज़रूर हो जाते हैं, खास तौर पर वो लोग जो काम-धंधा या तिजारत करते हैं. कोई इन्सान, चाहे कितना ही एहतियात क्‌यों न बरत ले लेकिन उससे कारोबार के दौरान कोई न कोई ऐसा काम हो ही जाता है जिसकी वजह से उनकी रूह नजिस (नापाक) हो जाती है. इस रूहानी गंदगी से तहारत (पाकी) हासिल करने के लिये अल्लाह ने मोमिनों को हुक्म दिया है कि वो सद्‌का दें. इस किताब में सद्‌का के बारे में तफ्सील से जानकारी दी गई है और साथ ही सद्‌के से जुड़ी तमाम गलतफहमियों की तर्दद (खण्डन) करते हुए इसका सहीह मकसद बयान किया गया है.

Status In Stock
SKU SADQA
Pages 48
Size 10.5x18.5 cm
Weight 40gm
Edition 1st Edition
Printing Single Colour
Binding Paper Back
Paper Maplitho