शैतान का इण्टरव्यू लेना यकीनन एक खयाली बात है लेकिन अगर हम कुर्आन व हदीष का मुतालआ (अध्ययन) करें तो वे सारी बातें हमें मिल जाएंगी जिनका ज़िक्र इस किताब में किया गया है. शैतान हमारा दुश्मन है, वह नहीं चाहता कि हम नेक काम करें और जन्नत के हकदार बनें. आइये! हम सब अपने नफ्स को अल्लाह के हवाले कर दें क्योंकिसिर्फ अल्लाह ही हमको शैतान के शर (बुराई) से बचा सकता है.
अल्लाह रब्बुल इज्ज़त कुर्आन करीम में इर्शाद फर्माता है,

व कुर्-रब्बी अ-ऊज़ुबि-क मिन् हमज़ातिश्-शयातीन; व अ-ऊज़ुबि-क रब्बी अंय्यहज़रून.

(तर्जुमा) : और कहो! ऐ मेरे रब! मैं शैतानों के वस्वसे से तेरी पनाह चाहता हूँ और (इस बात से भी) तेरी पनाह चाहता हूँ कि वो मेरे पास आ जाएं. (सूरह मोमिनून : 97-98) 
अल्लाह तआला हमें शैतान के फरेब से बचाए, आमीन!