सुबह जल्दी उठना तंदुरुस्ती के लिये बेहद ज़रूरी है, इस बात को मेडिकल साइंस के साथ-साथ तमाम हकीम-वैध भी कुबूल करते हैं.

 लेकिन सुबह जल्दी जागने की रूहानी बरकतें भी कुछ कम नहीं हैं. हर रोज़, जब रात का एक तिहाई हिस्सा बाकी रह जाता है, हमारा रब आसमाने दुनिया पर तज़ल्ली फर्माता है और कहता है, "कौन है जो मुझसे दुआ करे कि मैं उसकी दुआ कुबूल करूं? कौन है जो मुझसे कुछ माँगे कि मैं उसको अता करूं? कौन है जो मुझसे गुनाहों की मुआफी चाहता है कि मैं उसके गुनाहों को मुआफ कर दूँ?'

   यह किताब फज्‌र की रूहानी बरकतों के बारे में जानकारी देने के साथ-साथ जिस्मानी फायदों के बारे में भी तर्कसंगत जानकारी उपलब्ध कराती है.